सफ़ेद मूसली क्या है : What is Safed Musli in hindi
- सफ़ेद मूसली एक ऐसी जड़ी-बूटी होती है, जो भारत के आसपास ही, प्राकृतिक तरीक़े से उगती है। यह पौधा इस क्षेत्र के, वर्षा वनों में ख़ुद ही उगता है। इसी वजह से, इस जड़ी-बूटी का, स्थानीय लोग काफ़ी सालों से, उपयोग करते आए हैं।
- आयुर्वेद ने, इस जड़ी बूटी का, अच्छे तरीक़े से उपयोग पहचाना है, और लोगों को पीड़ि-दर-पीड़ि , समझाया भी है। आयुर्वेद ने इस बात को समझा है, की इस पौधे में, इलाज की काफ़ी सारी ख़ूबियाँ होती हैं।
- सफ़ेद मूसली के सारे लाभों में से सबसे बड़ा फ़ायदा है, यौन क्षमता को बढ़ाना और नपुंसकता को ठीक करना। इसी ख़ास ख़ूबी की वजह से, सफ़ेद मूसली को ‘भारतीय वायऐग्रा’ या ‘हर्बल वायऐग्रा’का नाम भी दिया गया है।
- काफ़ी मात्रा में विटामिन, प्रोटीन, अल्कलॉइड, वसा, कार्बोहाइड्रेट और पॉलीसैकराइड्स जैसे फ़ायदेमंद अंग, सफ़ेद मूसली में पाए जाते हैं।
- इस पौधे को अंग्रेज़ी में, ‘इंदीयन स्पाइडर प्लांट’ कहते हैं। और इसका वैज्ञानिक नाम होता है: Chlorophytum borivilianum (क्लोरोफायटम बोरीविलीयेनम)
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सफ़ेद मूसली के फ़ायदे: Benefits of Safed Musli in hindi
- सफ़ेद मूसली के विभिन्न उपयोगों को देखा जाए तो, एक तरफ़, इसके जड़ों का इस्तेमाल, जोईंट के दर्द से आराम दिलवाने के लिए किया जाता है, वहीं दूसरी तरफ़, भारत के कुछ भागों में, इसे एक साग की सब्ज़ी की तरह भी खाया जाता है।
- इसके फ़ायदे सिर्फ़ इतनी ही जगह सीमित नही है। इसे तो आर्थरैटिस, URI, डाइअबीटीज़ इत्यादि के उपचार में भी इस्तेमाल किया जाता है।
- अगर हम आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति पर ग़ौर करें, तो सफ़ेद मूसली, एक अहम रूप में दोनो पित्त बुझाने वाली और वात बुझाने वाली है।
- पर वहीं दूसरी तरफ़, यह कफ दोष को बढ़ाती है। यही एक वजह है, की जब किसी को कफ के सम्बंध की, कोई भी समस्या हो, तो उसे इसे लेने से परहेज़ करना चाहिए।
- हम यह बात तो आपको बता चुके हैं, की सफ़ेद मूसली में यौन क्षमता बढ़ानेकी एक विशिष्ट ख़ूबी होती है। पर उसी लाभ के साथ, यह शीघ्रपतन और इरेक्टायल डिस्फ़ंक्शन जैसी समस्याओं का भी इलाज होता है।
- तो चलिए, अब हम इस हिस्से में, इसके सारे फ़ायदों की बात करते हैं:
यौन क्षमता बढ़ाने में उपयोगी Safed musli for sex stamina:
- आप जब भी किसी इंसान से, सफ़ेद मूसली के लाभों की बात करेंगे, तो आपको सबसे पहला लाभ यही सुनने को मिलेगा, की यह यौन शक्ति, या सेक्स पावर को बढाता है। यह इसके इतने बड़े फ़ायदों में से एक हैं, कि इसी कारण, इसे काफ़ी लोग तो इसको ‘हर्बल वायग्रा’ के नाम से भी जानते हैं।
- पशुओं पर किए गए शोधों से, ये बात सामने आती है, की सफ़ेद मूसली काम और उत्तेजना की फ़ीलिंग बढ़ाने के संग, टेस्टास्टरोन जैसे सेक्स हॉर्मोन के लेवल को भी बढ़ाती है। इसी वजह से, यौन की क्षमता बढ़ाने के लिए , इस औषधि का इस्तेमाल किया जाता है।
शीघ्रपतन पर विराम लगाने का उपयोग (Used for stopping pre-mature ejaculation)
- जिन लोगों की जीवनशैली और खाने का तरीक़ा ख़राब हो रहा है, उन लोगों मे, शीघ्रपतन की दिक्कत पायी जा रही है।
- कई लोग, शर्म की वजह से, किसी चिकित्सक तक भी नहीं जा पाते, और इंटर्नेट पर ही, इस समस्या का इलाज खोजते रहते हैं।
- ऐसे लोगों के लिए, सिर्फ़ सफेद मूसली ही, एक कारगर जड़ी-बूटी मिलती है। इसे आगे चलकर, आप शीघ्रपतन की दवा के रुप में इलाज में भी ला सकते हैं। पर इसका अत्याधिक इस्तेमाल करने से पहले, आप एक बार अपने चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें।
बॉडी बिल्डिंग (Safed Musli in hindi for bodybuilding):
- यौन क्षमता बढ़ाने के अलावा, बॉडी-बिल्डिंग या शरीर की ताक़त बढ़ाना भी होता है, सफ़ेद मूसली के कई फ़ायदों में से एक। इसी वजह से, आजकल के ज़्यादातर जिम करने वाले लोगों को, उनके ट्रेनर, सफ़ेद मूसली के सप्पलेमेंट इस्तेमाल करने की, हिदायत देते हैं।
- यह उन लोगों के लिए भी फ़ायदेमंद है, जो थोड़ा सा काम करते ही थक जाते हैं। उस स्थिति में, सफ़ेद मूसली उनको बहुत लाभ पहुँचा सकती है।
इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक (safed musli for immune system) :
- शरीर के प्रतिरोधक प्रणाली, या इम्यूनिटी को मज़बूत करने में, एक अहम भूमिका, निभाती है सफ़ेद मूसली। यह काफ़ी सारे वाइरस-समबंधि रोगों को रोकती है, जिसमें ज़ुकाम भी एक बड़ी परेशानी हो सकती है ।
- अगर आपको बार-बार जुकाम या फ्लू की बीमारी हो रही है, तो ऐसे में अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए, आप सफेद मूसली को लेना ज़रूर शुरू करें। आपको बस आधा चम्मच मूसली को,एक चम्मच शहद या दूध के संग, सवेरे और शाम लेना है।
मूत्र संबंधी रोगों को दूर करने में सहायता (Safed musli for UTI) :
अगर किसी इंसान को, बहुत बार पेशाब हो ती है, या उसे पेशाब करने में जलन होती हो, तो दोनो स्थितियों में, उसे सफ़ेद मूसली का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे उसे राहत मिलती है। दूसरी तरफ़, यह उन महिलाओं के लिए भी लाभदायक होता है, जिनको ‘लेकोरिया’ या ‘सफ़ेद पानी’ की दिक्कत हो।काफ़ी सारे शोध तो यह भी बताते हैं, की सफ़ेद मूसली लेकोरिया की दिक्कत को, कुछ ही दिनो में यह ठीक कर देती है।-Safed Musli in hindi
आर्थराइटिस में इसके फ़ायदे (safed musli for arthritis) :
बढ़ती उम्र के साथ, एक चीज़ जो सब लोगों में पायी जाती है, वो है हड्डियों और जोईंट में दर्द की दिक्कत।भारत में ज़्यादातर बड़े लोग, अरथराईटिज़ की बीमारी के मरीज़ रहते ही हैं।यदि आप सफ़ेद मूसली का इस्तेमाल करें, तो अरथराईटिज़ की पीड़ा से आपको आराम मिलेगा।
कैंसर से बचाव (Safed musli for cancer prevention):
काफ़ी सारे एक्स्पर्ट, इस बात को कहते हैं, कि सफेद मूसली का सेवन करने से, कैंसर के भय से बचा जा सकता है। इस प्रक्रिया से कैन्सर की कोशिकाओं का विकास थम जाता है, और कैन्सर जैसे डरावने रोग पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
वजन घटाने में सहायक (Safed musli for weight loss) :
यह बात बिलकुल सही है कि, सफ़ेद मूसली शारीरिक शक्ति और बल तो बढ़ाती तो है, पर साथ ही ये वज़न या भार को बढ़ाती भी है।
जहाँ एक तरफ़ , अगर आप इसको गरम दूध के साथ पिएँ, तो आपका भार बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर, अगर आप इसको गरम पानी के साथ पिएँ, तो आपका भार घटेगा भी। इसी वजह से, सफ़ेद मूसली का इस्तेमाल दोनो स्थितियों में- वज़न घटाने में, या वज़न बढ़ाने में – दोनो में आवश्यकतानुसार किया जा सकता है।
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सफेद मूसली में पाए जाने वाले पोषक तत्व : Nutrients
- आयुर्वेद हमें इस बात की सूचना देता है, कि इस पौधे की जड़ों में, सबसे ज़्यादा अच्छी ख़ूबियाँ होती हैं। इन जड़ों में, विटामिन और खनिज का एक बहुत बड़ा ख़ज़ाना होता है।
- पर यहाँ हमें ये बात समझनी चाहिए, कि सफ़ेद मूसली के सिर्फ़ जड़ों में ही सब कुछ नहीं होता। उसके और भी अंग हैं, जो हमारे लिए फ़ायदेमंद होते हैं। उदाहरण के रूप में उसके बीज, उनमे भी बहुत सारे तत्व होते हैं, जो हम इस्तेमाल कर सकते हैं।
- अगर बात सिर्फ़ सफ़ेद मूसली की जड़ों की करें, तो उनमे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फ़ाइबर, सपौनिंस जैसे बहुत सारे पोषक तत्व होते हैं। इनके साथ-साथ, इनमे कैल्सीयम, पटासीयम, मैग्नीज़ीयम आदि और खनिज भी होते हैं।
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सफेद मूसली के दुष्प्रभाव और सावधानियां: Side effects and precautions of Safed Musli in hindi
यहाँ तक, ये बात तो आप समझ गए होंगे, कि सफ़ेद मूसली में काफ़ी सारे फ़ायदे होते हैं ही, पर हमें यह बात भी समझनी होगी कि, अगर इसे हद से अधिक, या ग़लत तरीक़े से इसे लें, तो इससे आपको नुक़सान भी हो सकते हैं।
वैसे सफ़ेद मूसली के दुशप्रभावों को प्रमाणित करने के लिए, बहुत सारे वैज्ञानिक सबूत तो नहीं हैं, पर काफ़ी सारे आयुर्वेदिक विशेषज्ञ, इन नुक़सानों के बारे में जानते हैं। आइए बात करते हैं इन दुष्प्रभावों की:
- भूख में कमी :
अगर आप ज़रूरत से ज़्यादा मात्रा में, सफ़ेद मूसली को इस्तेमाल कर रहे हों, तो यह आपकी भूख को या तो कम, या ग़ायब कर सकती है। इसी वजह से, अपने आयुर्वेदिव चिकित्सक की सलाह लें, और उसके दिशा-निर्देशों का अच्छे से पालन करें। भूख की कमी होते ही, जल्द-से-जल्द, आप अपने चिकित्सक से मिलें।
- कफ में बढ़ोतरी :
सफेद मूसली, एक ठंडी तासीर का पदार्थ होता है। इसी वजह से, यह शरीर में कफ को बढ़ा देती है, जो कि बहुत लाभदायक नाही होता है।